🌄🇮🇳 पहरेदार हिमालय के हम, झोंके हैं तूफ़ान के।सुनकर गरज हमारी, सीने फट जाते चट्टान के।💪 “ताक़त वतन की हमसे है…”🪖 कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर परकारगिल युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले अमर शहीदों कोशत्-शत् नमन।
🙏🫡 नाम, नमक और निशान के लिए…
💂♂️ जय हिन्द की सेना✨ वन्दे मातरम्

🌄🇮🇳 “पहरेदार हिमालय के हम, झोंके हैं तूफ़ान के। सुनकर गरज हमारी, सीने फट जाते चट्टान के। 💪 ताक़त वतन की हमसे है…”यह पंक्तियाँ भारतीय सैनिकों की वीरता और अडिग संकल्प को दर्शाती हैं।हिमालय जैसे दुर्गम स्थान पर तैनात सैनिकों की ताक़त और साहस को दिखाया गया है।जब ऐसे सैनिक गरजते हैं यानी लड़ते हैं, तो दुश्मनों का हौसला चूर हो जाता है।—🪖 “कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर…”यह वाक्य दर्शाता है कि यह संदेश 26 जुलाई, यानी कारगिल युद्ध की जीत की सालगिरह पर लिखा गया है।यह दिवस उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का दिन है जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।—🙏 “शत्-शत् नमन…”इसका अर्थ है, “हज़ारों बार नमन” – यानी अत्यधिक सम्मान और श्रद्धांजलि।—🫡 “नाम, नमक और निशान के लिए…”यह भारतीय सेना की परंपरा और मूल्य हैं:नाम – अपने परिवार, रेजीमेंट और देश का नाम।नमक – वफादारी और कर्तव्य।निशान – सेना का झंडा या प्रतीक।—💂♂️ “जय हिन्द की सेना, वन्दे मातरम्” 🇮🇳भारत की सेना को नमन और भारत माता की जय।यह शब्द भावनाओं को जागृत करते हैं और देशभक्ति की भावना को उजागर करते हैं।
